Ticker

6/recent/ticker-posts

RRR Movie Review In Hindi

RRR Movie Review In Hindi And Box office collection

RRR Movie Review In Hindi And Box office collection

हेलो फ्रेंड्स bollywoodkatta.com में आप  सबका स्वागत है।  दोस्तों 25 मार्च 2022 को रिलीज हुई एस एस राजामोली की ब्लॉक ब्लास्टर फिल्म आरआरआर रिलीज होते  ही  इतिहास रचा है रिलीज होने के पहले दिन में आरआरआर ने 220 करोड़ की वर्ल्ड वाइड कलेक्शन और इंडिया में 256 करोड़ रुपये का कलेक्शन करके राजमोली की बाहुबली 2 को धूल छटा दी है।

आरआरआर का फुल फॉर्म राइज, दहाड़ और विद्रोह है। दोस्तो राजामोली की फिल्म आरआरआर बड़े इंतजार के बाद थिएटर में रिलीज हो चुकी है।  आरआरआर दो रियल लाइफ फाइटर्स अल्लूरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम की फ्रिक्शनल  कहानी है। सीताराम राजू और कोमारम भीम समकालीन होते हुए भी  कभी  एक दसरे से मिल नहीं पाए  , अगर दोनो एक दसरे से मिल पाते , तो  क्या होता    ?आरआरआर इसी आइडिया को सिनेमेटिक ढंक से एक्स्प्लोरर करती है।  यह फिल्म देखकर समज आता है की , जब कोई फिल्म निर्माता का कारण स्पष्ट हो और उसका शिल्प बोध हो तब एक साधरण कहानी  पर  भी अदभुत फिल्म बन सकती  है।

आरआरआर की कहानी सन 1920 के दिल्ली ब्रिटिश पुलिस की लगती है। ब्रिटिश पुलिस फोर्स में राम राजू नाम का ऑफिसर जल्दी से जल्दी बड़े पुलिस ऑफिसर  के औदे पर पहुचना चाहता है। वहा पोहचकर  वह अपने पापा का अधूरा काम पूरा करना चाहता है।दूसरी तरफ है कोमाराम भीम , ओ अफसर के नाम से दिल्ली में रहता है।  उसका प्लान है गवर्नर हाउस में घुसने  का ब्रिटिश अफसरो ने उसकी बहन को बंदी बना रखा है,जो उस घर में कैद है। यह दोनो अपने नकली नामो से एक दसरे को मिलते हैं। कुछ ही समय में तगड़े वाले दोस्त  बन जाते हैं। अब उन्हे अपने आप को दूर तक जाने के लिए रास्ते में ऐ आई सभी बाधाओं को हटाना है।  और तब क्या होगा जब राजू और भीम को एक दूसरे  की असलियत का पता चलता है।  

आरआरआर की मजेदार बात यह है कि यह  फैंसी, पौराणिक कथाओं और वास्तविकता का मिश्रण  है।  यह कहानी जिन लोगो की है, ओ असल है जिस तरह से यह कहानी घड़ती  है ओ फैंसी है।  फिल्म के करैक्टर  के नाम है राम सीता और भीम इस फिल्म में रामायण और महाभारत को एक साथ लाना यह पौराणिक कथाओं का गूढ़ अच्छा है।  फैंसी और पौराणिक कथाओं की मिलावट  हमने दुनिया भर में ही फिल्म में देखी है मगर यह फिल्म खुद को रियालिटी से जोडती है।  यही इस फिल्म की खासियत है।आम तौर पर फिल्म में जो कहानी होती है, जिसे  बल देने है के लिए एक्शन और ड्रामा जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। मगर यह फिल्म उलट काम करता है, इसमे एक्शन सीक्वेंस और ड्रामा से कहानी को आगे बढ़ाया जाता है। यह फिल्म देखते समय यह क्या हो रहा है यह नहीं सोचते बल्कि  फिल्म को मजा लेते  है। क्योंकि इसमे सीन के लिए कहानी के साथ समझौता नहीं किया जाता।  हर कहानी  द किसी वजह से शुरू होती है, और अगले सीन के लिए जमीन पर आ गिरती है। फ्लू बना रहता है।

आरआरआर फिल्म फुल ऑन मसाला एंटरटेनमेंट है।यह बनाने वाले और देखने वाले दोनो को पता है फिल्म में कोई पड़दा  डाली नहीं है और यही चीज मेकर्स को तमाम  पाबंदी से मुक्त रखती हे।, ओ फिल्म में कुछ भी दिख सकता है और आप उसमें कमी नहीं निकल सकते तब भी इतना सब कुछ देखने बाद  आपको एंटरटेनमेंट की कमी महसूस होती है तो तब आपकी सुनी जा सकती है।  मगर आरआरआर आपको ऐसा कोई मौका नहीं देता यह फिल्म 3 घंटे से कुछ ऊपर की फिल्म है पहला आधा हाफ  तो पावने दो घंटे का है और इतना विजुअली रिच है की आपको समय का पता ही नहीं चलता।  फिल्म के दूसरे  पार्ट में थोड़ा ढीलापन  महसूस होता है।  मगर आखिरी घंटे में फिल्म आपकी  सारी  शिकायते दूर कर देती  है।  फिल्म में देखने से ज्यादा फील करना होता है।जब तक आप कुछ महसूस नहींकराते  तब तक उनसे कनेक्ट नहीं कर पाएंगे इस फिल्म में इस्का खास ख्याल रखा गया है

RRR इस फिल्म में आपको  पारिवारिक बंधन से रोमांस तक सब कुछ मिलता है और सही मात्रा  में मिलता है। फिल्म में गाना है नाचो ये गाना स्विम ऑफ थिंग्स का हिसा है।  मगर कोरिओग्राफर के परफॉरमेंस  के लिए ये बवाल गाना है। इस गाने  से दोनो एक्ट्रेस के  बीच केमिस्ट्री और समन्वय देखने को मिला है।आरआरआर का नायक यू तो नॉर्मल इंसान है लेकिन इनका ट्रीटमेंट सुपर होरो जैसा है। इसलिये फिल्म रामराजू और कोमाराम भीम की ओरिजिनल स्टोरी लगाती है। आरआरआर में रामराजू का रोल किया है रामचरण ने।ओ दिमागवाला आदमी है।रामराजू को पता है की ओ क्या कर रहा है,और क्या कर रहा है। वही कोमाराम भीम का रोल किया है एनटीआर जूनियर ने। कोमाराम का एक  बाल सुलभ किरदार है। उसकी किरदार में चंचलता है।वो दिमाग  से कुछ नहीं करता लेकिन शरिर से सब कुछ करता है। मासूम भी बहुत है।

अजय देवगन ने फिल्म में गेस्ट अपीयरेंस किया है उनका किरदार कथा का सबसे अच्छा किरदार है। वह अच्छे से लिखा है जिसे अजय देवगन वजंदर तारिके से निभाते हैं। आलिया भट्ट राम की मंगेतर है। सीता की रोल में है।  मगर आलिया का इससे  ज्यादा रोल नहीं है तो इसमें शामिल हैं टू लिट टू लिट का खेल कहते हैं  फिल्म में रे स्टीवेन्सन  विलियन गवर्नर के रोल में है, और एलिसन डूडी ने उनकी पत्नी का रोल किया है।  ओल्विया मॉरिस ने जेली नाम के लड़की का रोल किया है। ओ गवर्नर की बिटिया है इस फिल्म में जितनी भी महिला है।  सबसे ज्यादा स्क्रीन  का समय ओल्विया को मिला है। ओ नाचो नाचो गाने  में उसकी भूमिका बड़ी वर्तमान है।

आरआरआर बड़ी ग्रैंड लेवल की फिल्म है। आप जब इस कहानी को कुछ घंटे में देखते हैं। तब आपको आभास होता है कि आपको किसी की असली फिल्म में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला है। सिवाय  बाहुबली के, फिल्म की डांस सीक्वेंस कमाल है  मगर यह फिल्म पड़दे पर फ्लॉलेस है। विजुअल के साथ साथ फिल्म में एक्शन और रोमांस भी देखने को मिलता है। इसलिए थिएटर में जाकर यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।


Post a Comment

0 Comments